कभी यादें, कभी बातें, कभी पिछली मुलाकातें,
बहुत कुछ याद आता है तेरी एक याद आने से।
लोगों की भीड़ में तो मालूम नहीं होता,
मगर तन्हाई मुझे बहुत सता जाती है,
आप तो आते नहीं हो बुलाने पर भी,
आपकी याद न जाने क्यों चली आती है।
आज तफसील नहीं बस इतना सुनो,
बहुत आज याद आ रहे हो तुम।
आपके ख्यालों से फुर्सत नहीं मिलती,
एक पल के लिए हमें रहत नहीं मिलती,
यूँ तो सब कुछ हमारे पास है,
बस देखने के लिए आपकी सूरत नहीं मिलती।
दिल से तेरा ख्याल न जाए तो क्या करूं,
तू ही बता तू याद आये तो क्या करूं,
हसरत ये है कि एक नजर देख लूं तुझे,
मगर किस्मत वो लम्हा न लाए तो क्या करूं।
आपसे दूर जाने का इरादा तो नहीं था,
साथ-साथ रहने का भी वादा तो नहीं था,
तुम याद आओगे ये जानते थे हम,
पर इतना याद आओगे अंदाज़ा नहीं था।
हम चाहे तो भी तुझे भुला नहीं सकते,
तेरी यादों से दामन चुरा नहीं सकते,
तेरे बिना जीना एक पल भी मुमकिन नहीं,
तुम्हें चाहते हैं इतना कि बता नहीं सकते।
वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम सबसे खुशनसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते हैं आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?
सूरज के बिना सुबह नहीं होती,
चाँद के बिना रात नहीं होती,
बादल के बिना बरसात नहीं होती,
और आपकी याद के बिना दोस्त,
दिन की शुरुआत नहीं होती।
काश तू भी बन जाए तेरी यादों की तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये।
रोशनी कब कम हुई पता न चला,
खुशी कब गम हुई पता न चला,
आप की याद में खोए कुछ इस तरह,
आँख कब नम हुई पता न चला।
यकीन करो आज इस कदर याद आ रहे हो तुम,
जिस कदर तुमने भुला रखा है मुझे।
जब कभी मौसम में खुशबू बिखर जाये,
जब चाँदनी में डूब के रात निखर जाये,
जब कभी बेवजह ये धड़कन मचल जाए,
तो समझ लेना हमने आपको याद किया है।
तुम्हारी याद की खुशबू मेरे दामन से लिपटी है,
बड़ा अच्छा सा लगता है तुम्हें ही सोचते रहना।
रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम हरदम आपकी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले जाते हो छोड़कर हमें,
हम रात भर आपसे मिलने को तरसते हैं।
चाँद के बिना अँधेरी रात रह जाती है,
साथ एक हसीन सी मुलाकात रह जाती है,
सच है कि ज़िन्दगी कभी रूकती नहीं,
वक़्त निकल जाता है और याद रह जाती है।
भूल जाऊं तो जी नहीं सकता,
याद आते हो तो दम निकलता है।
न ग़रज़ किसी से न वास्ता,
मुझे काम अपने काम से,
तेरे ज़िक्र से तेरी फ़िक्र से,
तेरी याद से तेरे नाम से।
नया कुछ भी नहीं हमदम
वही आलम पुराना है,
तुम्हें भुलाने की कोशिश है
तुम्हीं को याद आना है।
सोचा था कि मिटाकर सारी निशानियाँ,
चैन से सो जायेंगे,
बंद आँखो ने अक्स देखा तेरा,
तो बेचैन दिल ने पुकारा तुझको।
आज दिल ने तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है,
मिले अगर फुरसत तो ख्वाबों मे आ जाना।
याद रूकती नहीं रोक पाने से,
दिल मानता नहीं किसी के मनाने से,
रुक जाती है धड़कनें आपको भूल जाने से,
इसलिए आपको याद करते हैं जीने के बहाने से।
तुम याद करते हो कुछ पल के लिए हमें,
हम एक पल के लिए भूल नहीं पाते है तुम्हें।
कदमों की दूरी से दिलों के फैसले नहीं बढ़ते,
दूर होने से दिल के एहसास नहीं मरते,
कुछ कदमों का फासला ही सही हमारे बीच,
लेकिन ऐसा कोई पल नहीं जब हम आपको याद नहीं करते।
तेरी याद से शुरू होती है मेरी हर सुबह,
फिर ये कैसे कह दूँ कि मेरा दिन खराब है।
मौसम को देखो कितना हसीन है,
ठंडी हवाएं और भीगी जमीन है,
याद आ रही है आपकी कुछ बातें,
आप भी याद कर रहे होंगे इतना यकीन है।
तू रात भर करवटें बदलती है मुझमें,
मैं सलवटों-सा बचा रह जाता हूँ सुबह।
जहन में तेरी यादों के सिवा कुछ भी नहीं,
दिल में गुजरी बातों के सिवा कुछ भी नहीं,
तुम जहाँ भी रहो सदा मुस्कुराते रहो,
मेरे लब पर दुआओं के सिवा कुछ भी नहीं।
मुझे मार ही न डाले ये बादलों की साजिश,
ये जब से बरस रहे हैं मुझे तुम याद आ रहे हो।
हिचकियाँ दिलाकर उलझन बढ़ा रहे हो,
आँखें बंद हैं फिर भी नज़र आ रहे हो,
इतना बता दो हमें याद कर रहे हो,
या सिर्फ अपनी याद दिला रहे हो।
आज बादल काले गहरे हैं,
आज चाँद पे लाखों पहरे हैं,
कुछ टुकड़े तुम्हारी यादों के,
बड़ी देर से दिल में ठहरे हैं।
खबर उस बेखबर की ला देती,
तुझ से इतना भी ऐ सबा न हुआ।
दूर रह कर करीब रहने की आदत है,
याद बन के आँखों से बहने की आदत है,
करीब न होते हुए भी करीब पाओगे,
मुझे एहसास बनकर रहने की आदत है।
तू याद करे न करे तेरी ख़ुशी,
हम तो तुझे याद करते रहते हैं,
तुझे देखने को दिल तरसता रहता है,
और हम तेरा इंतज़ार करते रहते हैं।
कभी कभी इतनी शिद्दत से आपकी याद आती है,
मैं पलकों को मिलाता हूँ, तो आँखें भीग जाती हैं।
भूलना आपको न आसान होगा,
भूले जो आपको वो नादाँ होगा,
आप बसते हो दिल में हमारे,
आप हमें न भूले तो एहसान होगा।
अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर,
सो जाऊँ तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है।
कोई और ही काम सौंप दो मुझे अब तुम,
ये क्या तुझे सोचना और सोचते ही रहना।
मत सोच कि मैं तुझे भुला नहीं सकता,
तेरी यादों के पन्ने मैं जला नहीं सकता,
कश्मकश ये है कि खुद को मारना होगा,
और अपने खातिर तुझे रुला नहीं सकता।
याद आती है तो याद में खो लेते हैं,
आँसू आँखों में उतर आयें तो रो लेते हैं,
नींद तो नहीं आती आँखों में लेकिन,
आप सपनों में आयेंगे इस लिए सो लेते हैं।
जाने कब आपका आँखों से इजहार होगा,
आपके दिल में हमारे लिए प्यार होगा,
गुजर रही है ये रात आपकी याद में,
कभी तो आपको भी हमारा इंतज़ार होगा।