Shayari of the Day
अल्फाज तय करते हैं फैसले किरदारों के,
उतरना दिल में है या दिल से उतरना है।
Top 20 Shayari in Hindi
भूल जाता हूँ सारी दुनिया,
मुझे तुम इतना याद आते हो।
इस दौरे सियासत का इतना सा फ़साना है
बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है।
हम को मालूम नहीं चाहत के तकाजे लेकिन,
हम ने तेरी बातों के सिवा हर बात भुला रखी है।
ढूंढ़ते रहते हैं सब लोग लकीरों में जिसे,
वो मुकद्दर भी सिकंदर का पता पूछता है।
कभी यादें, कभी बातें, कभी पिछली मुलाकातें,
बहुत कुछ याद आता है तेरी एक याद आने से।
मुझे बस इस लिए अच्छी बहार लगती है,
कि ये भी माँ की तरह ख़ुशगवार लगती है।
लगा कर फूल होठों से कहा उसने ये चुपके से,
अगर कोई पास न होता तो तुम उसकी जगह होते।
तेरी दोस्ती का रिश्ता प्यारा है इतना,
कि हर कदम पे मुस्कुराते हैं हम।
दुश्मनी का सफ़र एक कदम दो कदम,
तुम भी थक जाओगे, हम भी थक जाएंगे।
काश ऐसी भी हवा चले,
कौन किसका है पता तो चले।
तुझे पाने की हसरत में, कब तक तरसते रहें,
कोई ऐसा दे धोखा, कि मेरी आस टूट जाए।
दिल ने सोचा था कि उसे टूट कर चाहेंगे,
सच मानो, टूटे भी बहुत, चाहा भी बहुत।
तुम्हारे जाने के बाद कौन रोकता हमें,
तो जी भर के खुद को बरबाद क्या हमने।
औरों से तो उम्मीद का रिश्ता भी नहीं था,
तुम इतने बदल जाओगे सोचा भी नहीं था।
अभी-अभी कुछ गुजरा है,
लापरवाह, धूल में दौड़ता हुआ,
जरा पलट कर देखूं तो,
बचपन था शायद।
मेरा वक्त भी कयामत की तरह है,
याद रखना आयेगा जरूर।
जब कभी थक जाओ दुनिया की महफिलों से,
हमें आवाज दे देना, हम अक्सर अकेले होते हैं।
अल्फाज तय करते हैं फैसले किरदारों के,
उतरना दिल में है या दिल से उतरना है।
तोड़ कर जोड़ लो चाहे हर चीज़ दुनिया की,
सबकी मरम्मत मुमकिन है ऐतबार के सिवा।
रखते थे होठों पे उंगलियां जो मरने के नाम से,
अफसोस वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले।